होशियारपुर:- अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित एवं अपने समय के प्रमुख फुटबॉल खिलाड़ी रहे सेवानिवृत्त एसपी गुरदेव सिंह गिल, जो माहिलपुर (होशियारपुर) के गांव ख़ैरड के निवासी हैं, से वरिष्ठ पत्रकार दलजीत अजनोहा ने विशेष बातचीत की।
इस दौरान गुरदेव सिंह गिल ने बताया कि उनके पैतृक गांव खैरड में फुटबॉल मैदान का नाम उनके नाम पर रखा गया है। उन्होंने इसे अपने जीवन का अत्यंत गौरवपूर्ण और भावुक क्षण बताते हुए कहा कि अपने ही गांव से मिला यह सम्मान उनके लिए किसी बड़े पुरस्कार से कम नहीं है।
उन्होंने कहा कि वे हमेशा विद्यार्थियों और युवा खिलाड़ियों को मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहे हैं। उनका मानना है कि निरंतर कठिन परिश्रम ही सफलता की असली कुंजी है।
पंजाब में बढ़ती नशे की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए गुरदेव सिंह गिल ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश का युवा नशे की गिरफ्त में फंस रहा है। उन्होंने कहा कि खेल ही युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। यदि युवाओं को खेलों के लिए बेहतर सुविधाएं और अवसर मिलें, तो वे अपनी प्रतिभा का सही दिशा में उपयोग कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में विदेश जा रहे हैं। यदि पंजाब में ही रोजगार और खेलों के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं, तो युवा अपने ही प्रदेश में रहकर विकास में योगदान दे सकते हैं और पंजाब को और अधिक समृद्ध बना सकते हैं।
गुरदेव सिंह गिल ने सरकारों से अपील की कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अधिक से अधिक सुविधाएं, प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे देश, पंजाब और अपने क्षेत्र का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकें। साथ ही उन्होंने कहा कि खेल संस्कृति को मजबूत बनाकर नशे जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
अर्जुन अवॉर्ड पुरस्कार से सम्मानित पूर्व एसपी गुरदेव सिंह गिल बोले नशे से युवाओं को बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं खेल
