होशियारपुर:- सिविल सर्जन डॉ. मनदीप कमल के नेतृत्व में जिला होशियारपुर में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा इस अभियान की अवधि में 90 दिनों का विस्तार किया गया है। इसका उद्देश्य अभी तक टीकाकरण से वंचित पात्र लड़कियों को अवसर प्रदान करना तथा सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम को और मजबूत बनाना है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सीमा गर्ग ने बताया कि एचपीवी टीकाकरण अभियान 28 फरवरी 2026 को शुरू किया गया था। इस अभियान के तहत 14 वर्ष की आयु की लड़कियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा रही है ताकि उन्हें भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान की जा सके। उन्होंने बताया कि बढ़ाई गई अवधि के दौरान केवल वे लड़कियां टीकाकरण के लिए पात्र होंगी जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन पूरा कर लिया है, लेकिन अभी 15 वर्ष की आयु पूरी नहीं की है।
डॉ. सीमा गर्ग ने बताया कि एस.डी. कॉलेज, होशियारपुर में 2 जून और 4 जून को विशेष एचपीवी टीकाकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में पात्र छात्राओं को निःशुल्क टीकाकरण सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि टीकाकरण के लिए अभिभावकों की सहमति अनिवार्य है। अभिभावक अपने मोबाइल फोन पर प्राप्त होने वाले ओटीपी के माध्यम से सहमति दे सकते हैं अथवा सहमति पत्र (कंसेंट फॉर्म) पर हस्ताक्षर करके भी अपनी अनुमति प्रदान कर सकते हैं। कंसेंट फॉर्म जिला टीकाकरण अधिकारी (डीआईओ) कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं। टीकाकरण के लिए आने वाली पात्र लड़कियां अपने साथ आधार कार्ड अवश्य लेकर आएं ताकि पंजीकरण एवं टीकाकरण की प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न की जा सके।
डॉ. सीमा गर्ग ने बताया कि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) के विश्वभर में लगभग 200 से अधिक प्रकार पाए जाते हैं, जिनमें से कुछ प्रकार कैंसर का कारण बन सकते हैं। भारत में सर्वाइकल कैंसर के अधिकांश मामलों के लिए एचपीवी के टाइप-16 और टाइप-18 मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा लगाई जा रही एचपीवी वैक्सीन एचपीवी के चार महत्वपूर्ण प्रकारों के विरुद्ध सुरक्षा प्रदान करती है तथा शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर संक्रमण और इससे संबंधित बीमारियों के खतरे को कम करने में सहायता करती है।
उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक है, लेकिन समय पर टीकाकरण के माध्यम से इससे काफी हद तक बचाव संभव है। एचपीवी वैक्सीन विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा भारत सरकार द्वारा अनुमोदित, सुरक्षित एवं प्रभावी टीका है और इसे विश्वभर में करोड़ों बच्चियों एवं किशोरियों को सफलतापूर्वक लगाया जा चुका है।
सिविल सर्जन डॉ. मनदीप कमल ने बताया कि जिला होशियारपुर में अब तक लगभग 20 प्रतिशत पात्र लड़कियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस कवरेज को और बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग, स्कूल प्रबंधन, आशा वर्करों तथा अभिभावकों के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षा विभाग से अपील की कि वह 14 वर्ष आयु वर्ग की लड़कियों की सूचियां स्वास्थ्य विभाग के साथ साझा करे ताकि शेष पात्र लड़कियों की पहचान कर उनका टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि इस अभियान की सफलता में आशा वर्करों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आशा वर्कर घर-घर जाकर पात्र लड़कियों की पहचान कर रही हैं, अभिभावकों को एचपीवी वैक्सीन के लाभों के बारे में जागरूक कर रही हैं तथा टीकाकरण के लिए प्रेरित कर रही हैं। इसके अतिरिक्त वे कंसेंट प्रक्रिया में सहयोग, लाभार्थियों की सूची तैयार करने तथा टीकाकरण शिविरों में लड़कियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने में भी अहम योगदान दे रही हैं।
डॉ. मनदीप कमल ने कहा कि होशियारपुर की बेटियों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए एचपीवी टीकाकरण एक महत्वपूर्ण उपहार है, जो उन्हें भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने सभी अभिभावकों, अध्यापकों, स्कूल एवं कॉलेज प्रबंधकों, पंचायत प्रतिनिधियों, आशा वर्करों तथा सामाजिक संस्थाओं से इस जनकल्याणकारी अभियान में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करने और पात्र लड़कियों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर एक रोकथाम योग्य बीमारी है और एचपीवी टीकाकरण इससे बचाव का सबसे प्रभावी साधन है। प्रत्येक पात्र लड़की को इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाते हुए एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवानी चाहिए ताकि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सके।
होशियारपुर की बेटियों के लिए स्वास्थ्य विभाग का विशेष उपहार एचपीवी टीकाकरण अभियान की अवधि में 90 दिनों का विस्तार
