मोहाली, 26 सितंबर:- मात-पिता के सम्मान एवं गौ सेवा के संदेश को समर्पित कनेक्टिंग सोसाइटी कार्यक्रम का आयोजन मात-पिता गोधाम महातीर्थ में शनिवार को किया गया। कार्यक्रम में बेबी कॉन्वेंट स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं व लगभग 150 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

समारोह में सर्वप्रथम विद्यार्थियों व शिक्षकों का मात-पिता गोधाम महातीर्थ के सेवकों व ब्रह्मानंद जी महाराज ने तिलक लगाकर स्वागत किया। बच्चों ने अपने हाथों से गौ माता को रोटियां खिलाईं व गौ माता के महत्व को जानते हुए निर्माणाधीन मात-पिता मंदिर के दर्शन कर अपने-अपने मात-पिता के समर्पण को याद किया।

लगभग सभी बच्चों ने स्लोगन प्रतियोगिता में भाग लिया, जिसमें कक्षा 7 की छात्रा बानी ने प्रथम, कक्षा 8 की छात्रा एकमजोत ने द्वितीय व कक्षा 7 की छात्रा संध्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कक्षा 8 के छात्र रेहान शूल ने गीत गाकर अपनी प्रतिभा दिखाकर ईनाम जीता तथा कक्षा 7 की छात्राएं सहजप्रीत कौर, बानी, हरगुनप्रीत कौर, संध्या व कशिश ने माता-पिता के लिए सामूहिक व भावुक करने वाला अतिमोहक गीत गाकर ईनाम जीता।

कार्यक्रम में सभी विजेताओं को मात-पिता गोधाम महातीर्थ के संस्थापक गौचरदास ज्ञानचंद वालिया द्वारा पुरस्कृत किया गया तथा सभी उपस्थित शिक्षक व शिक्षिकाओं को इस विचारधारा से जुड़ने तथा जागरूकता दिखाने के लिए भी सम्मानित किया गया।

वालिया के द्वारा सभी बच्चों को माता-पिता ही हमारे भगवान हैं तथा गौ माता में ही सभी देवी-देवताओं का वास है, समझाते हुए मात-पिता के जयकारे लगवाए, जिसे बच्चों ने जीवन के एक अध्याय की तरह बहुत ही सहजता से समझा व जीवन में इस विचार को उतारने का संकल्प भी लिया।

इस अवसर पर कार्यक्रम के पश्चात विद्यार्थियों को रिफ्रेशमेंट का वितरण भी किया गया। मात-पिता गोधाम महातीर्थ में समाज को जोड़े रखने, एकता भाव, सद्भाव, भाईचारा बढ़ाने व जात-पात का भेद मिटाने हेतु समय-समय पर सांस्कृतिक व सामाजिक कार्य निरंतर आयोजित किए जाते हैं।

गौचर दास ज्ञान, ट्रस्टी गण एवं कार्यकारिणी सदस्य संस्था के मूल उद्देश्य “हर घर में मां-बाप का सत्कार और गौ माता से प्यार” के संदेश को समाज तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। मात-पिता गोधाम महातीर्थ में निर्माणाधीन विश्व के प्रथम मात-पिता मंदिर के माध्यम से भी लोगों को अपने माता-पिता में भगवान का स्वरूप देखने और उनका सम्मान करने का संदेश दिया जा रहा है।