अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सेक्टर 25, चंडीगढ़ में नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य पर सामुदायिक जागरूकता शिविर आयोजित

चंडीगढ़, 30 अगस्त 2025:- अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सेक्टर 25, चंडीगढ़ में आज नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य पर सामुदायिक जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया, जिसमें समुदाय के 80 से अधिक लोगों ने सक्रिय भागीदारी की। यह शिविर पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ और रोटरी क्लब, चंडीगढ़ सेंट्रल के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य समुदाय में समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है।

चंडीगढ़, 30 अगस्त 2025:- अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सेक्टर 25, चंडीगढ़ में आज नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य पर सामुदायिक जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया, जिसमें समुदाय के 80 से अधिक लोगों ने सक्रिय भागीदारी की। यह शिविर पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ और रोटरी क्लब, चंडीगढ़ सेंट्रल के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य समुदाय में समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है।
अवसर पर बोलते हुए डॉ. कपिल गोयल, एसोसिएट प्रोफेसर एवं फैकल्टी इंचार्ज, अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सेक्टर 25 ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा कहा कि पीजीआईएमईआर और सहयोगी संस्थाएँ मिलकर एक स्वस्थ, नशा-मुक्त एवं मानसिक रूप से सशक्त समाज बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
कार्यक्रम में प्रो. अरुण अग्रवाल, विभागाध्यक्ष, कम्युनिटी मेडिसिन एवं स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। रोटरी क्लब चंडीगढ़ सेंट्रल से श्री वेभू भटनागर (अध्यक्ष) एवं डॉ. आर. पी. गुप्ता (पूर्व अध्यक्ष, रोटरी क्लब चंडीगढ़; पूर्व अध्यक्ष IDA चंडीगढ़ स्टेट ब्रांच) भी विशेष रूप से शामिल हुए।
शिविर में स्थानीय निवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि शहरी क्षेत्रों में नशे और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर चिंता बढ़ रही है। प्रतिभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि नशे की समस्या से अब बच्चे और किशोर भी प्रभावित हो रहे हैं और इसके लिए स्थायी सामुदायिक समाधान की आवश्यकता है।
पीजीआईएमईआर के विशेषज्ञ डॉ. राहुल कुमार चक्रवर्ती और डॉ. अधीश सेठी ने सहभागियों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किए, जिनमें नशे के दुष्प्रभाव, लत के शुरुआती लक्षण और समय पर हस्तक्षेप के महत्व पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, तनाव प्रबंधन, अवसाद और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी विषयों को भी उठाया गया। 
इस दौरान कलंक (stigma) को कम करने और खुली बातचीत को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों को जागरूकता सामग्री, पुस्तिकाएँ और हेल्पलाइन जानकारी भी वितरित की गई।इस अवसर पर श्री वेभू भटनागर, अध्यक्ष, रोटरी क्लब चंडीगढ़ सेंट्रल ने कहा: “हम ऐसे प्रयासों को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो समाज को अधिक स्वस्थ और जागरूक बनाते हैं। इस प्रकार के सहयोग मेडिकल संस्थानों और समुदाय के बीच की खाई को पाटने में मदद करते हैं।”
डॉ. राहुल कुमार चक्रवर्ती, सहायक प्रोफेसर, मनोचिकित्सा विभाग, पीजीआईएमईआर ने कहा: “नशे और मानसिक स्वास्थ्य जैसी दोहरी चुनौतियों से निपटने के लिए सामुदायिक स्तर पर पहुँच बनाना अत्यंत आवश्यक है। समय पर जागरूकता और हस्तक्षेप जीवन बचा सकते हैं।”
शिविर का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि – “मानसिक स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है और सहायता हमेशा उपलब्ध है।” आयोजकों ने आने वाले महीनों में चंडीगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे और अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।