
वेटरनरी यूनिवर्सिटी में पोल्ट्री फार्मिंग का प्रशिक्षण कोर्स सम्पन्न
लुधियाना 17 जून 2025- गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना में पोल्ट्री फार्मिंग पर दो सप्ताह का प्रशिक्षण कोर्स सम्पन्न हुआ। इस प्रशिक्षण कोर्स में पंजाब के विभिन्न जिलों से 21 पुरूषों और 03 महिलाओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।
लुधियाना 17 जून 2025- गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना में पोल्ट्री फार्मिंग पर दो सप्ताह का प्रशिक्षण कोर्स सम्पन्न हुआ। इस प्रशिक्षण कोर्स में पंजाब के विभिन्न जिलों से 21 पुरूषों और 03 महिलाओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।
डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल, वाइस चांसलर ने विश्वविद्यालय के प्रसार निदेशालय की प्रशंसा करते हुए कहा कि पशुपालन पेशे को वैज्ञानिक दिशा में ले जाने में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम बहुत सहायक होते हैं। डॉ. गिल ने कहा कि कृषि विविधीकरण के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने और स्थायी आय प्रदान करने के लिए पोल्ट्री फार्मिंग बहुत उपयुक्त पेशा है।
समापन समारोह के दौरान डॉ. रविंदर सिंह ग्रेवाल, प्रसार शिक्षा निदेशक ने विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि हम ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने पोल्ट्री फार्मिंग पेशे के विस्तार की संभावनाओं के बारे में भी विशेष रूप से बताया।
पाठ्यक्रम निदेशक एवं प्रसार शिक्षा विभाग के प्रमुख डॉ. जसविंदर सिंह ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक और मौखिक ज्ञान के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया। उन्हें विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा उचित शेड प्रबंधन, संतुलित आहार, पक्षी स्वास्थ्य देखभाल, रोग रोकथाम, जैव सुरक्षा, पशु से मानवों को होने वाले रोगों और उचित विपणन के बारे में जानकारी दी गई।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को वेंकी इंडिया लिमिटेड के सहायक महाप्रबंधक डॉ. हरपाल सिंह सोढ़ी ने भी संबोधित किया। उन्होंने पोल्ट्री उद्योग के बारे में अपने विशेष अनुभव और अंतर्दृष्टि को प्रशिक्षुओं के साथ साझा किया। उन्होंने प्रशिक्षुओं को समर्पण के साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस समारोह में विस्तार शिक्षा के अतिरिक्त निदेशक डॉ. परमिंदर सिंह और क्षेत्रीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, तलवाड़ा के निदेशक डॉ. राकेश कुमार शर्मा भी मौजूद थे। उन्होंने छात्रों के साथ कई बहुमूल्य विचार भी साझा किए। इस प्रशिक्षण का समन्वय डॉ. रवदीप सिंह डॉ. प्रतीक सिंह धालीवाल ने बहुत सुचारू रूप से किया।
