
बिक्रम सिंह मजीठिया की याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई एक दिन के लिए स्थगित की
चंडीगढ़, 3 जुलाई - पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अकाली नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की याचिका पर सुनवाई एक दिन के लिए स्थगित कर दी है, जिसमें उन्होंने विजिलेंस द्वारा उनकी 'अवैध गिरफ्तारी और आगे रिमांड' को चुनौती दी है।
चंडीगढ़, 3 जुलाई - पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अकाली नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की याचिका पर सुनवाई एक दिन के लिए स्थगित कर दी है, जिसमें उन्होंने विजिलेंस द्वारा उनकी 'अवैध गिरफ्तारी और आगे रिमांड' को चुनौती दी है।
मजीठिया की याचिका पर अब 4 जुलाई को सुनवाई होगी। गौरतलब है कि विजिलेंस ब्यूरो ने पिछले दिनों मजीठिया को ड्रग मनी और आय से अधिक संपत्ति मामले में अमृतसर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था।
विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया को मोहाली कोर्ट में पेश कर पहले सात दिन और फिर चार दिन का रिमांड हासिल किया है। अकाली नेता को अब 6 जुलाई को फिर से मोहाली कोर्ट में पेश किया जाएगा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनवाई एक दिन के लिए स्थगित कर दी है, ताकि मजीठिया के वकील मामले में जारी नए रिमांड आदेशों को जस्टिस त्रिभुवन दहिया की बेंच के समक्ष पेश कर सकें।
मजीठिया ने याचिका में अपनी गिरफ्तारी और रिमांड आदेशों को अवैध बताते हुए उन्हें चुनौती दी है। मजीठिया ने अपने खिलाफ दर्ज मामले को राजनीतिक प्रतिशोध का नतीजा बताया है, जिसका एकमात्र उद्देश्य उन्हें बदनाम करना और परेशान करना है। याचिका सरतेज सिंह नरूला, दमनबीर सिंह सोबती और अर्शदीप सिंह चीमा के माध्यम से दायर की गई थी।
मजीठिया ने कहा कि 25 जून को मोहाली में सतर्कता ब्यूरो पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई एफआईआर “स्पष्ट रूप से अवैध” थी और उसी दिन उनके आवास से की गई गिरफ्तारी “कानूनी प्रक्रियाओं का घोर उल्लंघन” थी।
