महिला थाना हांसी में मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन विषय पर हुआ जागरूकता शिविर का आयोजन

हिसार:– पुलिस अधीक्षक हांसी अमित यशवर्धन के कुशल नेतृत्व में तथा थाना प्रबंधक महिला इंस्पेक्टर सरोज कुमार के मार्गदर्शन में महिला थाना हांसी में महिला पुलिस कर्मचारियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन विषय पर एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

हिसार:– पुलिस अधीक्षक हांसी अमित यशवर्धन के कुशल नेतृत्व में तथा थाना प्रबंधक महिला इंस्पेक्टर सरोज कुमार के मार्गदर्शन में महिला थाना हांसी में महिला पुलिस कर्मचारियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन विषय पर एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
जागरूकता शिविर में नागरिक अस्पताल हिसार के चिकित्सकों की टीम मुख्य रूप से डॉ. शालू ढ़ांडा (फिजियोलॉजिस्ट एवं मनोवैज्ञानिक, DCH हिसार) एवं डॉ. प्रियंका (मेडिकल ऑफिसर, एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी) उपस्थित रही। 
डॉ. शालू ढ़ांडा ने जागरुक करते हुए कहा कि आज के समय में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है। पुलिस बल में कार्यरत महिला कर्मचारियों को दिन-रात जिम्मेदारियों के निर्वहन के कारण मानसिक दबाव एवं तनाव का सामना करना पड़ता है। यदि इस तनाव को समय रहते सही तरीके से नियंत्रित न किया जाए तो यह आगे चलकर अवसाद, चिंता व अन्य मानसिक रोगों का कारण बन सकता है। 
उन्होंने तनाव को कम करने के लिए योग, ध्यान, नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और परिवार के साथ संवाद को महत्वपूर्ण बताया व डॉ. प्रियंका ने एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि मानसिक अस्वस्थता के चलते कई लोग नशे की गिरफ्त में भी आ जाते हैं। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों को जागरूक किया कि स्वयं के साथ-साथ समाज में भी इस विषय पर जागरूकता फैलाएँ। 
उन्होंने कहा कि “एक स्वस्थ मन ही स्वस्थ शरीर और बेहतर कार्यक्षमता की कुंजी है।”इस अवसर पर उपस्थित महिला पुलिस कर्मचारियों ने भी डॉक्टरों से अपने अनुभव साझा किए और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित सवाल पूछे। डॉक्टरों ने सभी सवालों का समाधान करते हुए भरोसा दिलाया कि वे समय-समय पर इस प्रकार के जागरूकता शिविर लगाते रहेंगे।
थाना प्रबंधक महिला इंस्पेक्टर सरोज कुमार ने कहा कि पुलिस अधीक्षक हांसी के दिशा-निर्देशानुसार पुलिस परिवार के प्रत्येक सदस्य का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सर्वोपरि है। इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं बल्कि कार्यक्षमता में भी वृद्धि करते हैं।
पुलिस अधीक्षक हांसी अमित यशवर्धन ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना आज की आवश्यकता है। पुलिस बल समाज की सुरक्षा और सेवा में 24 घंटे तत्पर रहता है, ऐसे में उनके मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।”
 कार्यक्रम के अंत में सभी महिला पुलिस कर्मचारियों ने डॉक्टरों का आभार व्यक्त किया और संकल्प लिया कि वे स्वयं को मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ-साथ अपने सहकर्मियों व परिवारजनों को भी इस विषय में प्रेरित करेंगी।