मज़बूत नींव : पेक फैकल्टी मेंबर्स ने साझा की सफलता और अनुशासन की राह

चंडीगढ़, 27 अगस्त 2025: पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ ने अपने ओरिएंटेशन प्रोग्राम के दूसरे और तीसरे दिन को नए छात्रों के लिए बेहद प्रेरणादायी और यादगार बना दिया। 2025–29 बैच के लिए आयोजित इन सत्रों में न सिर्फ़ शैक्षणिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई, बल्कि पेक की उस सोच और संस्कृति से भी रूबरू कराया गया जिसने इस संस्थान को अपनी अलग पहचान दी है।

चंडीगढ़, 27 अगस्त 2025: पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ ने अपने ओरिएंटेशन प्रोग्राम के दूसरे और तीसरे दिन को नए छात्रों के लिए बेहद प्रेरणादायी और यादगार बना दिया। 2025–29 बैच के लिए आयोजित इन सत्रों में न सिर्फ़ शैक्षणिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई, बल्कि पेक की उस सोच और संस्कृति से भी रूबरू कराया गया जिसने इस संस्थान को अपनी अलग पहचान दी है।
दूसरे दिन की शुरुआत निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया के उत्साहवर्धक संबोधन से हुई। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्थान के विज़न और समग्र विकास की सोच से जोड़ा और साथ ही महत्वपूर्ण शैक्षणिक प्रक्रियाओं जैसे कोर्स रजिस्ट्रेशन, ऐड/ड्रॉप सुविधा, ईआरपी प्रोसेस, ग्रेडिंग पॉलिसी और फ़ीडबैक मैकेनिज़्म के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया, कि जीवन में सफलता पाने के लिए "ग्रोथ माइंडसेट" बेहद ज़रूरी है। उनके शब्दों में, “कोई भी इंसान भगवान से वरदान लेकर नहीं आता, निरंतर अभ्यास और ज़िम्मेदारी ही सफलता की असली चाबी है।”
इसके बाद विभागाध्यक्षों ने भी अपने विचार साझा किए। फिजिक्स विभाग के प्रो. संजीव कुमार ने ईमानदारी और सीखने के उत्साह को सबसे महत्वपूर्ण बताया और विभाग के शोध एवं पाठ्यक्रम की विशेषताओं को समझाया। कैमिस्ट्री विभाग की प्रो. हरमिंदर कौर ने छात्रों को जिज्ञासा और रचनात्मकता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और अपने विभाग की आधुनिक प्रयोगशालाओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोगों की जानकारी दी। मैथमेटिक्स विभाग की प्रो. आशा गुप्ता ने बताया कि गणित कैसे क्वालिटेटिव और समस्या-समाधान क्षमता को निखारता है। वहीं, सेंटर ऑफ मैनेजमेंट एंड ह्यूमैनिटीज़ (सीएमएच) की प्रमुख प्रो. अंजू सिंगला ने विभाग की विविधताओं से भरे पाठ्यक्रम—जिनमें उद्यमिता, वित्त, अर्थशास्त्र, प्रबंधन और सॉफ़्ट स्किल्स शामिल हैं—की जानकारी दी।
डीएसए डॉ. प्रजापति ने नए छात्रों का हार्दिक स्वागत किया और उन्हें पेक के कैंपस जीवन से परिचित कराया। उन्होंने डीएसए टीम, हॉस्टल वार्डन्स और इंचार्ज़ के बारे में बताते हुए कैंपस की सुविधाओं जैसे जिम, स्विमिंग पूल, डिस्पेंसरी और मार्केटप्लेस की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को पेक की "नो रैगिंग" पॉलिसी से भी अवगत कराया। डा मोहित त्यागी के नेतृत्व में पेक ने सम्मान, मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं और एंटी-रैगिंग फ़ोरम छात्रों के लिए एक सुरक्षित और समावेशी वातावरण बनाता है।
तीसरे दिन का मुख्य आकर्षण था उद्योग जगत की मशहूर हस्ती डॉ. ऋषि मोहन भटनागर का संबोधन। वह इंडिया और ग्लोबल सीटीओ - ऐऐ2आईटी के को-फ़ाउंडर, लावा इंटरनेशनल के पूर्व अध्यक्ष, आईईटी फ़्यूचर टेक पैनल और कांग्रेस के चेयरमैन तथा एंटरप्राइज़ आईओटी पुस्तक के सह-लेखक हैं। उन्होंने बेहद रोचक और इंटरैक्टिव अंदाज़ में छात्रों से संवाद किया और भारतीय आईटी सिस्टम्स की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को चुनौती दी कि वे भारत में ही गूगल, माइक्रोसॉफ़्ट और मेटा जैसी कंपनियाँ खड़ी करें। उन्होंने “भारतीय जीपीटी” बनाने की पहल पर भी प्रकाश डाला, जिसका उद्देश्य आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस में भारतीय नरेटिव को सही रूप में प्रस्तुत करना है। उन्होंने रामायण और महाभारत के उदाहरण देते हुए यह संदेश दिया, कि भारतीय संस्कृति और मूल्यों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर भविष्य का निर्माण किया जा सकता है।  सीनियर लाइब्रेरियन  डॉ. सीमा वशिष्टा ने छात्रों को पेक के सेंट्रल लाइब्रेरी की समृद्ध संसाधनों से परिचित कराया। प्रो. राजेश कुमार कांडा, हेड—एलुमनाई, कॉर्पोरेट और इंटरनेशनल रिलेशंस, ने पेक के मज़बूत पूर्व छात्र नेटवर्क और वैश्विक सहयोगों पर प्रकाश डाला। वहीं, कैरियर डेवलपमेंट एंड गाइडेंस सेंटर के हेड प्रो. जे.डी. शर्मा ने छात्रों को प्लेसमेंट, ट्रेनिंग और करियर अवसरों के बारे में अवगत कराया।
इन दो दिनों की गतिविधियों ने नए विद्यार्थियों में ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया। पैक का यह ओरिएंटेशन प्रोग्राम केवल एक शुरुआत नहीं बल्कि आने वाले चार वर्षों की उस यात्रा का संकेत है जिसमें ज्ञान, मूल्यों और नवाचार का संगम होगा।