साध्वी पंडित सपना उपाध्याय ने श्री गणेश चतुर्थी के पर्व पर मां गौरी, गौ, गंगा, गुरु गोविंद, गीता, गायत्री माता को पूजा कर पावन संदेश दिया*

हरियाणा/हिसार:- साध्वी पंडित सपना उपाध्याय (प्रेरणा दीदी) प्रसिद्ध कथा वाचिका ने अपने संदेश में बताया कि अधिकतर अपने धार्मिक स्थान पर व्यापार से पहले व्यवहार शिक्षा के साथ-साथ संस्कार एवं श्रृंगार के साथ स्वयं की सुरक्षा के लिए शस्त्र लेना बहुत जरूरी है।

हरियाणा/हिसार:- साध्वी पंडित सपना उपाध्याय (प्रेरणा दीदी) प्रसिद्ध कथा वाचिका ने अपने संदेश में बताया कि अधिकतर अपने धार्मिक स्थान पर व्यापार से पहले व्यवहार शिक्षा के साथ-साथ संस्कार एवं श्रृंगार के साथ स्वयं की सुरक्षा के लिए शस्त्र लेना बहुत जरूरी है। 
सबको समझती हैं बेटियां, बहने, माताएं, नाबालिक हो या बालिक बहुत जगह है जहां पर बलात्कार अत्याचार दुर्व्यवहार हत्याकांड का शिकार हो जाती हैं जिन्हें न्याय तक नहीं मिल पाता है समाज जान तक नहीं पाता। मर्डर करके छुपा दिया जाता है ऐसी बहन बेटी माताओ के लिए न्याय होना बहुत जरूरी है समाज समर्थन नहीं करेगी तो यह घटना अधिकतर बढ़ती जाएगी कल कहीं और थी आज स्वयं के घर हो जाएगी। 
इसलिए जब सजा मौत की लागू होगी उन दोषी लड़को और पुरुषों पर तो कोई लड़की नहीं मिलेगी खून से लथपथ खेत और सड़कों नहर नाला नदियों पर कोई बीवी बेटी बहन नहीं मिलेगी आग से जलते जलाते फासी में लटकते लटकाती घरों पर नारी के सम्मान में साध्वी प्रेरणा दीदी  का कहना है कि सावधान रहें सुरक्षित रहें।
 वर्तमान समय पर राजस्थान चित्तौड़गढ़ श्री कृष्ण भक्त मीराबाई जी की नगरी ससुराल मेवाड़ वीर वीरांगनाओ सती माताओं के स्थान शौर्य सम्राट पूज्य महाराणा प्रताप  महाराज  के किले की ढलान पर स्थित दुर्ग पर आवरी माता आदि शक्ति अद्वैत आश्रम में रहती हैं। साध्वी पंडित सपना उपाध्याय ( प्रेरणा दीदी ) के संदेश अनुसार सब तक यह सूचना और समाचार पहुंचना चाहिए की सरकार को इस पर कड़ा संज्ञान लेना चाहिए और ऐसा अपराध भविष्य में कोई ना करें। 
आज कल के दौर में जितनी पुरुषों की भागीदारी है उतनी ही महिलाओं की भी है। अध्यापकों को भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए क्योंकि नव पीढ़ी उनके द्वारा संस्कार एवं शिक्षा लेती है हर संगठन को हर सामाजिक संस्था को हर राजनीतिक दल को अपनी अहम भूमिका निभानी चाहिए। 
साध्वी प्रेरणा दीदी  ने कहा भारत माता, गौ माता ,गंगा माता ,पृथ्वी माता, गायत्री माता, सावित्री माता, सभी माता है तो मारी, काटी क्यों जाती हैं।क्यों इज्जत उछाली जाती है और मां बहन बेटी के  शब्दों पर गाली क्यों आती है है स्त्रियों एवं बेटियों पर हो रहे अत्याचार के पर गहरा रोष जताया  साध्वी पंडित सपना उपाध्याय प्रेरणा दीदी जी ने नारी के सम्मान में। 
मैं स्त्री हूं, मैं नारी हूं, मैं कली हूं, मैं फुलवारी हूं ,मैं दर्शन हूं ,मैं दर्पण हूं ,मैं नाद ही में ही गर्जन हूं, मैं बेटी हूं ,मैं माता हूं ,मैं बलिदानों की गाथा हूं ,मैं श्रीमद् भागवत गीता हूं, मैं द्रोपदी हूं मैं, सीता हूं ,सभी नारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए समझाया और याद दिलाया तुम ही रानी लक्ष्मीबाई दुर्गावती मीराबाई कर्मा बाई पद्मावती जैसे हो सकती हो।
 अपने आप को याद करो कोमल, कमजोर नहीं कठोर बनो सतयुग हो या कलयुग हो देवी  काली या बहन कल्पना चावला नहीं बन सकती तो सती अनुसूया माता कुछ और बनो आगे बढ़ो। बेटी पढ़ाने बेटी बचाने के साथ-साथ समाज अपने बच्चों पर संस्कार भरे स्त्रियां अपने  परिवार घर द्वार पर मर्यादा में रहे पिता पति पुत्र एवं पड़ोसियों इज्जत का भी ख्याल रखें। 
सरकार द्वारा अनेकों प्रयास किए गए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर।महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य भी किया गया। परंतु सबसे ज्यादा उनकी सुरक्षा उन्ही के हाथ में है। इसलिए साध्वी ने सबसे अपील की है  बहन बेटियां सोशल मीडिया का सदुपयोग करें दुरुपयोग नहीं सुंदरता शरीर से बढ़कर समाज और समय का ध्यान रखें