
उपायुक्त ने स्कूली उम्र के बाल श्रम में लगे बच्चों की पहचान करने के निर्देश दिए
नवांशहर- उपायुक्त अंकुरजीत सिंह ने सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को जिले में स्कूली उम्र के ऐसे बच्चों की पहचान करने और उनके पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं जो सड़कों पर बाल श्रम में लगे हैं।
नवांशहर- उपायुक्त अंकुरजीत सिंह ने सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को जिले में स्कूली उम्र के ऐसे बच्चों की पहचान करने और उनके पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं जो सड़कों पर बाल श्रम में लगे हैं।
उपायुक्त अंकुरजीत सिंह ने कहा कि बच्चों के विरुद्ध अपराध, बाल श्रम या किसी भी संकटग्रस्त बच्चे के संबंध में कोई भी बच्चा मदद के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क कर सकता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बाल श्रम, बाल संरक्षण और बाल भिक्षावृत्ति को समाप्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है ताकि ऐसे बच्चों का स्वस्थ जीवन सुनिश्चित किया जा सके।
इस बीच, उपायुक्त के निर्देश पर अतिरिक्त उपायुक्त (विकास) अवनीत कौर ने जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड की त्रैमासिक बैठक के दौरान असहाय, जरूरतमंद और कानूनी मामलों का सामना कर रहे बच्चों के संरक्षण के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष को निर्देश दिए गए कि देर रात को मिलने वाले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा पुलिस अधिकारियों द्वारा 24 घंटे के भीतर असहाय व जरूरतमंद बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
बैठक के दौरान निर्देश दिए गए कि बाल श्रम के दौरान बचाए गए बच्चों के परिवारों का पुलिस अधिकारियों द्वारा पता लगाया जाए ताकि उन्हें एक-दूसरे से मिलाया जा सके। अतिरिक्त उपायुक्त ने बच्चों में नशे की लत को रोकने के लिए तैयार की गई कार्य योजना की भी समीक्षा की तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नशा मुक्ति केंद्र में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए एक अलग कमरा स्थापित करने को कहा, जिनका वहां उचित उपचार किया जा सके।
जिला औषधि प्राधिकरण को निर्देश दिए गए कि आयोग से प्राप्त निर्देशों के अनुसार अनुसूची एच, एक्स और एक्स1 के अंतर्गत आने वाली दवाइयां बच्चों को न बेची जाएं तथा ऐसी दवाइयां बेचने वाली दुकानों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। अवनीत कौर ने जिले में पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत लाभ प्राप्त कर रही लाभार्थी बालिका कंचन से व्यक्तिगत रूप से बात की तथा उसे विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने योजना के तहत बालिका को मिलने वाले वित्तीय लाभों के संबंध में बैंक खाते की पासबुक मौके पर ही सौंपी। इस दौरान असहाय एवं जरूरतमंद बच्चों के लिए चलाई जा रही स्पॉन्सरशिप एवं फोस्टर केयर योजना के तहत मामलों की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों को बच्चों के जीवन स्तर को और बेहतर बनाने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया गया।
