
युवाओं को बनाएं पीड़ितों का मददगार दोस्त-मनमोहन सिंह।
पटियाला- पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और डिप्टी कमिश्नर पटियाला के आदेशों की पालना करते हुए शिक्षण संस्थाओं द्वारा अपने विद्यार्थियों और अध्यापकों को युद्ध, प्राकृतिक या मानवीय आपदाओं के दौरान कीमती जानों और संपत्तियों को बचाने वाले मददगार दोस्त बनने के लिए विषय विशेषज्ञों के माध्यम से प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल करवाई जा रही है।
पटियाला- पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और डिप्टी कमिश्नर पटियाला के आदेशों की पालना करते हुए शिक्षण संस्थाओं द्वारा अपने विद्यार्थियों और अध्यापकों को युद्ध, प्राकृतिक या मानवीय आपदाओं के दौरान कीमती जानों और संपत्तियों को बचाने वाले मददगार दोस्त बनने के लिए विषय विशेषज्ञों के माध्यम से प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल करवाई जा रही है।
यह विचार सरकारी आईटीटीआई महिला के प्रिंसिपल मनमोहन सिंह ने पंजाब सरकार के आदेशों की पालना करते हुए पंजाब होमगार्ड सिविल डिफेंस के जिला कमांडर गुरलवदीप सिंह के नेतृत्व में करवाई गई ट्रेनिंग और मॉक ड्रिल के दौरान आभार व्यक्त करते हुए व्यक्त किए।
भारत सरकार के आपदा प्रबंधन, सिविल डिफेंस प्राथमिक चिकित्सा, अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षक श्री काका राम वर्मा और पटियाला सिविल डिफेंस के सहायक नोडल अधिकारी तरजिंदर सिंह ने बताया कि युद्ध के दौरान बम और मिसाइलों के विस्फोट के कारण क्षेत्र में जहरीली गैसें, धुआं, तेज रोशनी, आग लगाने वाली गर्मी और भयानक शोर होता है, सांस, हृदय और मस्तिष्क की कार्यप्रणाली बंद हो जाती है और तत्काल मौतें हो जाती हैं।
उन्होंने ऐसी स्थितियों में बचने के तरीके बताए। उन्होंने खतरे का सायरन बजाने, जमीन पर ठीक से लेटने, गैसों, धुएं, शोर से बचने तथा बेहोशी, दिल का दौरा, हृदय गति रुकने, वेंटिलेटर कृत्रिम श्वसन, सीपीआर, बहते हुए रक्त को रोकने, श्वास नली से गैसों, धुएं, पानी, रक्त, उल्टी, झाग आदि को निकालने संबंधी प्रशिक्षण दिया।
पंजाब रेड क्रॉस डी-ड्रग इंटीग्रेशन सेंटर की डॉ. चारू गौतम ने रेड क्रॉस के प्रतीक, झंडे, रेड क्रॉस जिनेवा कन्वेंशन, युद्ध बंदियों की सुरक्षा तथा युद्धों व आपदाओं के दौरान पीड़ितों को प्राथमिक उपचार संबंधी जानकारी दी। जिनेवा कन्वेंशन के अनुसार किसी भी देश के सैनिक तथा मानवता के नाते यहां तक कि आतंकवादी भी रेड क्रॉस के प्रतीक वाले स्थानों या स्वयंसेवकों पर हमला नहीं करते। क्योंकि रेड क्रॉस मानवता के नाते बिना भेदभाव के पीड़ितों की मदद करता है।
कार्यक्रम संयोजिका अध्यापक प्रशिक्षिका एकमप्रीत कौर ने धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी, अध्यापक, नागरिक, कर्मचारी को आपदा प्रबंधन, नागरिक/आत्मरक्षा, प्राथमिक उपचार, अग्नि सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण लेना चाहिए तथा नागरिक सुरक्षा का स्वयंसेवक बनना चाहिए। प्रशिक्षित विद्यार्थियों व अध्यापकों के माध्यम से यह जानकारी घर-घर तक पहुंच रही है। सभी ने समुदाय में शांति व सद्भावना की प्रार्थना की।
