
सतपाल साहलों की पुस्तक 'मेरे भीगा दी सुनम' का विमोचन
नवांशहर- क्षेत्र के प्रसिद्ध लेखक एवं सामाजिक, साहित्यिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि सतपाल साहलों द्वारा लिखित गजल संग्रह 'मेरे भीगा दी सुनम' का विमोचन किया गया। यह समारोह उनके गांव साहलों में उनके घर पर किया गया। सतपाल साहलों ने अपनी पुस्तक के बारे में कहा कि इसमें मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं से संबंधित विभिन्न रंगों की गजलों का समावेश है तथा मानव जीवन की इन भावनाओं को मूर्त रूप देने का प्रयास किया गया है।
नवांशहर- क्षेत्र के प्रसिद्ध लेखक एवं सामाजिक, साहित्यिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि सतपाल साहलों द्वारा लिखित गजल संग्रह 'मेरे भीगा दी सुनम' का विमोचन किया गया। यह समारोह उनके गांव साहलों में उनके घर पर किया गया। सतपाल साहलों ने अपनी पुस्तक के बारे में कहा कि इसमें मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं से संबंधित विभिन्न रंगों की गजलों का समावेश है तथा मानव जीवन की इन भावनाओं को मूर्त रूप देने का प्रयास किया गया है।
नवजोत साहित्य संस्था और के अध्यक्ष सुरजीत मजारी, सुर संगीत संस्था के प्रतिनिधि एसएस आजाद, श्री गुरु रविदास वेलफेयर ट्रस्ट के महासचिव परमजीत महालों ने इस पुस्तक के लिए उन्हें बधाई दी तथा सतपाल साहलों के लोक हितैषी व्यक्तित्व की प्रशंसा की। इन वक्ताओं ने कहा कि यह गजल संग्रह साहित्य के क्षेत्र में कारगर साबित होगा। इस अवसर पर केंद्रीय पंजाबी लेखक संघ के जिला अध्यक्ष देस राज बाली ने भी विशेष समारोह में भाग लिया।
उल्लेखनीय है कि यह गजल संग्रह पंजाब के प्रसिद्ध गजलगो गुरदयाल रोशन के नेतृत्व वाले रोशन कला केंद्र द्वारा प्रकाशित किया गया है। यह पुस्तक लेखक ने अपनी पोती हनाया सलहन के जन्मदिन पर समर्पित की। इस अवसर पर उपस्थित मासिक पत्रिका 'अदबी महक' की सम्पादक कमला सलहन और प्रसिद्ध कवियित्री रजनी शर्मा ने भी चार दशकों से पत्रिका के निरंतर प्रकाशन में सतपाल साहलों के गर्मजोशी भरे सहयोग की सराहना की।
इस अवसर पर लेखक वर्ग और संस्था से जुड़े श्रोताओं में संस्था के पूर्व अध्यक्ष गुरनेक शेर, डॉ. केवल राम, राजिंदर जस्सल, हरमिंदर हैरी, राज सोही, बिंदर मल्ल बेदियां, सुच्चा राम जाडला, एडवोकेट रेशम सिंह, अमनदीप सलहन, सीमा रानी आदि शामिल थे।
