जगदीश हीरा और सुपिंदर अपनी जोड़ी से चर्चा में हैं - बलदेव सिंह बल्ली

बलाचौर- युवा गायक जगदीश हीरा का हाल ही में गायिका सुपिंदर कौर के साथ गाया युगल गीत तेरा लख-लख शुक्र होवे चर्चा में है। इस गीत को पम्मी लालोमजारा ने लिखा है और संगीत रोमी सिंह ने दिया है। इसके निर्माता रमेश भंडारी और करण जलाल हैं। युगल गीत को आरएस फिल्म्स ने फिल्माया है और एफएमडी म्यूजिक कंपनी ने इसे प्रस्तुत किया है। बेहद खूबसूरत और बुलंद आवाज में गाया यह गीत वैवाहिक संस्कृति की बात करता है और आम मान्यताओं से हटकर जोड़े बनाने वाले मध्यस्थ की भी प्रशंसा और गुणगान करता है।

बलाचौर- युवा गायक जगदीश हीरा का हाल ही में गायिका सुपिंदर कौर के साथ गाया युगल गीत तेरा लख-लख शुक्र होवे चर्चा में है। इस गीत को पम्मी लालोमजारा ने लिखा है और संगीत रोमी सिंह ने दिया है। इसके निर्माता रमेश भंडारी और करण जलाल हैं। युगल गीत को आरएस फिल्म्स ने फिल्माया है और एफएमडी म्यूजिक कंपनी ने इसे प्रस्तुत किया है। बेहद खूबसूरत और बुलंद आवाज में गाया यह गीत वैवाहिक संस्कृति की बात करता है और आम मान्यताओं से हटकर जोड़े बनाने वाले मध्यस्थ की भी प्रशंसा और गुणगान करता है। 
एक महीने पहले जगदीश हीरा ने गायक दविंदर देओल के साथ कोरे-कोरे नोट नामक युगल गीत गाकर दर्शकों की खूब प्रशंसा बटोरी थी। ये दोनों ही गीत भांगड़ा बीट के हैं और शादियों में डीजे द्वारा बजाए जा रहे हैं। जगदीश हीरा का जन्म गांव गढ़ी-कानूनगोआं, तहसील बलाचौर, जिला शहीद भगत सिंह नगर में पिता बाबू राम व माता ज्वाली देवी के घर हुआ। क्षेत्र में गायकी के अखाड़ों व गांव के नजदीक रोशनी मेले को देखकर बचपन से ही उनमें गायकी के प्रति जुनून पैदा हो गया था। स्थानीय मेलों, अखाड़ों व धार्मिक आयोजनों में भाग लेने के बाद उन्होंने कनाडा की संगीत कंपनी म्यूजिक लवर्स के माध्यम से दर्शकों के समक्ष अपना पहला कैसेट इंडिया दी सार पेश किया। 
इस कैसेट में प्रसिद्ध गायक प्रवीण भारटा व साधेश कुमारी के गाए गीतों के अलावा हीरा द्वारा गाए गए पांच एकल गीत थे। उसके बाद मुंडा कोहिनूर जैसा सिंगल ट्रैक गीत देने के बाद अब वे जोड़ियों के साथ नजर आए हैं। परिवार सहित इटली में रहने वाले जगदीश हीरा जब भी एक-दो साल बाद पंजाब लौटते हैं तो दर्शकों के समक्ष एक-दो सांस्कृतिक गीत पेश कर अपनी मिट्टी से जुड़ाव साबित करने के साथ ही चर्चा का विषय भी बनते हैं।