
बारिश व जलभराव से प्रभावित किसानों व गरीब परिवारों को सरकार शीघ्र राहत एवं मुआवजा प्रदान करे : गायत्री देवी
हिसार/हांसी:– कांग्रेस नेत्री गायत्री देवी ने हाल ही में हुई भारी बारिश और जलभराव से किसानों की फसलों तथा गरीब परिवारों के मकानों को हुए भारी नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत सर्वेक्षण कराया जाए और पीड़ित किसानों व परिवारों को बिना देरी के उचित मुआवजा एवं राहत प्रदान की जाए।गायत्री देवी ने कहा कि इस बार की बारिश ने किसानों को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई गांवों में खड़ी फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं, जिससे किसानों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है। इसके अलावा, जलभराव के कारण गरीबों के कच्चे मकान ढह गए हैं तथा ट्यूबवेल और कृषि उपकरण भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
हिसार/हांसी:– कांग्रेस नेत्री गायत्री देवी ने हाल ही में हुई भारी बारिश और जलभराव से किसानों की फसलों तथा गरीब परिवारों के मकानों को हुए भारी नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत सर्वेक्षण कराया जाए और पीड़ित किसानों व परिवारों को बिना देरी के उचित मुआवजा एवं राहत प्रदान की जाए।गायत्री देवी ने कहा कि इस बार की बारिश ने किसानों को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई गांवों में खड़ी फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं, जिससे किसानों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है। इसके अलावा, जलभराव के कारण गरीबों के कच्चे मकान ढह गए हैं तथा ट्यूबवेल और कृषि उपकरण भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि इस आपदा से प्रभावित लोगों के लिए सरकार को तत्काल और ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि पीड़ित परिवारों को राहत मिल सके और वे पुनः अपने जीवनयापन को सामान्य बना सकें।
गायत्री देवी ने निम्नलिखित मांगें रखीं :
1. प्रभावित किसानों को उनकी फसलों के नुकसान का उचित मुआवजा शीघ्र दिया जाए।
2. गरीबों के मकानों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण के लिए सरकारी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
3. क्षतिग्रस्त ट्यूबवेल और कृषि औजारों के लिए भी विशेष राहत पैकेज तैयार किया जाए।
4. प्रशासन को गांव-गांव जाकर सर्वेक्षण कार्य में तेजी लानी चाहिए, ताकि किसी भी प्रभावित परिवार को राहत से वंचित न रहना पड़े।
कांग्रेस नेत्री गायत्री देवी ने कहा कि यदि सरकार व प्रशासन समय पर कदम नहीं उठाते हैं, तो यह प्रभावित परिवारों के साथ अन्याय होगा।
